२०१९ में राहू केतु

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मार्च २०१९ में राहू केतु के राशी बदलने पर आप पर असर

ब्रहामंड में आकाश गंगा पर हो रहे बदलाव के कारण राहू का मिथुन राशी और -केतु का मकर राशी में प्रेवश 24 मार्च, 2019 को रहा है। हालाँकि राहू मध्य की गणना के अनुसार 7 मार्च को ही राहू-केतु राशि अपनी राशी को परिवर्तन कर रहे हैं, लेकिन स्पष्ट राहू की गणना के हिसाब से 24 मार्च को ही राशि परिवर्तन हो रहा है, यह परीवर्तन डेढ़ साल के लिए होता है। राहू-केतु छाया ग्रह हैं लेकिन भारीतय ज्योतिष में दोनों को प्रभावशाली ग्रह के तोर पर माना गया है। आकाश गंगा में अन्य ग्रहों की तरह राहु और केतु का अपना कोई वास्तविक आकार नहीं है। यह एक रहस्यमय ग्रह है जो हमे विस्मयकारी परिणाम देते है। लोगो में धारणा है कि राहू-केतु अशुभ फल ही देते हैं, लेकिन सत्य है कि ये दोनों ग्रह शुभ-अशुभ दोनों तरहा के फल देने में समर्थ हैं। यह दोनों ग्रह पूरी तरह से जातक की जन्मकुंडली में राहु की उच्च, नीच, केंद्र, त्रिकोण, दशा इत्यादि की स्थिति पर भी निर्भर करता है। अनेक बार यह दोनों गह का प्रभाव आप के मन और बुद्धि को भ्रमित कर सकता है।

राहू का मिथुन और केतु का मकर राशि में प्रवेश शुभ फल का रहेगा। मिथुन राहु ग्रह की उच्च राशि है जबकि धनु इस की नीच राशि है। कोई भी ग्रह अपनी उच्च राशि में मजबूत स्थिति में होता है, जब कि नीच राशि में वह कमज़ोर स्थिति में पाया जाता है। यदि कुंडली में राहु मजबूत स्थिति में है तो जातक को जीवन में मान-सम्मान और राजनीतिक सफलताएं प्रदान करता है। जहा राहू में शनि ग्रह  के गुण होते हैं तो केतु में मंगल ग्रह के गुण है।इन को मंगल और शनि के छाया ग्रह भी कहते है

केतु ग्रह भी 24मार्च 2019 से धनु राशि में प्रवेश करेगा। यह ग्रह आप के मन तथा बुद्धि को कुंडली में अपनी स्थिति के अनुसार अपने प्रभाव को परिवर्तित करने की शक्ति रखता है। केतु ग्रह ज्ञान, वैराग्य, मोक्ष, बीमारी तर्क, इत्यादि का कारक ग्रह माना है। यह ग्रह अशुभ के साथ-साथ शुभ फल भी प्रदान करता है। केतु यदि शुभ हो तो जातक में आध्यात्मिक गुणों का विकास होता है और यदि यह अशुभ हो तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है। राहू गह शुभ होने पर अचानक लाटरी और धन प्राप्ति के योग बनते है

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जानिये राहु–केतु का यह गोचर आपके जीवन में क्या शुभ एव अशुभ घटित कर सकता है। इस फलादेश से आप अपने में होने वाले परिवर्तनों के बारे में पहले से जान सकते हैं, जिससे आप भविष्य में होने वाली घटनाओं के लिए पहले से अच्छी तैयारी कर सकते हैं।

छाया ग्रह के रूप में जाने जाने वाले राहु-केतु हानि, अवांछित परिवर्तन, स्थानांतरण, टकराव, अनिश्चितता, भविष्य के डर के प्रतीक हैं। 06.03.2019 को गोचर में राहू-केतु अक्ष कर्क-मकर राशी से पलायन करते हुए अगले 18 माह के लिए मिथुन-धनु राशी पर गोचर करेंगे। जिन जातकों का जन्म लग्न, सूर्य अथवा राशि मिथुन या धनु है अथवा जो जातक राहू, बुध या धनु दशा के प्रभाव में हैं, उन जातकों के लिए यह गोचर कष्टकारी हो सकता है। 

फलादेश का विवरण

  • वर्षफल
  • कुंडली की दशा का संचित प्रभाव
  • करियर, वित्त, विवाह, स्वास्थ्य आदि के संदर्भ में राहु-केतु गोचर के संचयी रुझान।
  • ग्रहों के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए उपाय

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