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मूलाकं  9   जिन व्यक्तियों का जन्म महीने की , 9, 18, 27, तारीख को हो उनका मूलाकं 9 होता है। सूक्ष्म गणना करने के लिए मूलांक निकालना चाहिए , जिसके लिए दिन, मास, वर्ष की गणना करनी चाहिए। जिन व्यक्तियों का मूलाकं  9 होता है। वह जातक मंगल ग्रह से प्रभावित रहता है।

मूलाकं 9 के जातक मंगल ग्रह के प्रभाव के कारण जन्म से ही साहसी, इरादों के पक्के, झगडालू , और असंयमी व्यक्ति होते है। यह जातक अपने कार्य को पूर्ण निष्ठा से करते है। मूलाकं 9 वाले जातक आपने जीवन मे आत्मविश्वासी एवं संघर्षशील रहते है।

मूलांक 9 के जातक पुरुष अपनी जुबान के पक्के  और ज्यादा विश्वास के काबिल एवं वफादार होते है। परन्तु आपनी भावनाओ पर काबू पाना इन के लिये सरल नहीं होता है। इन जातकों का जीवन साहसिक कार्यों तथा परिश्रम में ही बीतता है। मूलांक 9 के जातक बहुत ज्यादा स्वाभिमानी कामुक प्रवृति के होते है और इसी आत्मविश्वास के कारण इनको कई बार परेशानी भी झेलनी पड़ती है।

अंक 9  के जातक शारीरिक शिक्षक, सेना, पुलिस, निजी सुरक्षा, जासूसी के कार्य, अग्नि से होने वाले कार्या तथा विस्फोटकों का उत्पादन, भूमि की खरीद फ़रोख्त,के कार्य करते है। इन जातको की हार्डवेयर के कार्य, सरकारी ठेकेदारी , और दवाइयों का उत्पादन करने के कार्य में रूचि रहती है।

मूलाकं 9 वाली स्त्रियाँ लम्बी कद काठी सुडौल ,गौरवर्ण, कम बाल, छोटी व् काली चमकीली आँखों वाली और नेक स्वभाव की होती है। मूलाकं 9 की स्त्रियाँ  प्रभावशली स्वभाव की होती है।मूलाकं 9 की स्त्रियाँ अपने पति के सभी कार्यों को अपनी पसंद से ही करना पसंद करती है। मगर उनकी मर्जी के खिलाफ कोई कार्य हो तो वो उन्हें ना पसंद करती है।

मूलाकं 9 के जातकों को चर्म रोग , सर दर्द उच्च रक्तचाप हो सकता है। इन जातकों को बवासीर हड्डियों का टूटने से सम्बंधित रोगों की संभावना बनी रहती है।

मूलांक 9 का स्वामी ग्रह मंगल ग्रह है। मंगल उत्साह और ऊर्जा के श्रोत्र से भरपूर ग्रह है। मूलांक 9 वाले काफ़ी उत्साही तत्पर उतर देने वाले स्वभाव के होते हैं। यह जातक ताकतवर और सूडोल शरीर के होते हैं। इन की आवाज भारी तीखी और ऊंची होती है। ये किसी भी परिस्थिति से निबटने मे सक्षम होते हैं।

यह जातक अनुशासन प्रिय और आपने सिद्धांत के पक्के होते हैं। इनका जीवन काफी हद तक संघर्ष वाला रहता है। परन्तु यह उससे निपटने में समर्थ होते हैं। यह जातक कलात्मक रूचि वाले भी होते है। मगल के प्रभाव के कारण इन्हें अपनी खुशामद बहुत पसंद होती है। इसकी वजह से इनको कई बार नुकसान भी उठाना पड़ता है।

मूलाकं 9 के जातक शिक्षा के क्षेत्र में तीव्र होते है। तीब्र बुधी होने के कारण इन मे किसी भी विषय को ग्रहण करने की क्षमता होती है। यही कारण है कि यह जातक उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त करने में हमेशा सफ़ल रहते हैं। इन के बचपन की शिक्षा में कुछ व्यधान हो सकते है।

मूलाकं 9 के कुछ लोगों को शिक्षा बीच में ही छोडनी पड जाती है। लेकिन इन जातकों की ज्यादार की शिक्षा अच्छी ही होती है। कला और विज्ञान में इनकी अच्छी रुचि रहती है। अब मूलांक 9 वालों को कम्प्यूटर और मोबाइल से संबंधित शिक्षा प्राप्त करते हुए भी देखा जा रहा है।

मूलाकं 9 के जातक ज्यादातर धनाड होते है।  इनके आर्थिक स्थिति अच्छी और परिवर्तनशील रहती है। ये खर्चे खूब करते हैं लेकिन इनके पास जमीन जायदाद अच्छी होती है। मूलाकं 9 के जातको को मंगल के प्रभाव के कारण  ससुराल से भी धन मिलता रहता है।

यह जातक जोखिम भरे कार्य करते रहते है परन्तु इन्हें उन मामलों में सावधानी से काम लेना चाहिए। यानी कि कुछ मिलाकर इनकी जातकों की आर्थिक स्थिति को अच्छा कहा जाएगा।

मूलांक 9 वाले आमतौर पर भाइयों में बड़े होते है या इन को बडे बन कर परिवारिक कार्य करने पडते है। इन्हें बचपन में सुख कम मिलता है। ये अपने संबंधियों को खूब लाभ पहुंचाते हैं। मूलाकं 9के जातक भाई-बहनों से मनमुटाव होने से भी उन का कम ही सुख पाते है। यह भलाई करके भी प्रशंसा नही पाते है।

मूलाकं 9 के जातको के प्रेम सम्बन्ध स्थाई नहीं रहते, अति अधिक गुस्से, स्वाभिमान या अभिमान के कारण भी इनके प्रेम सम्बंधों को टूटते हुए देखा गया है। यह जातक सुंदर और आज्ञाकारी जीवनसाथी का साथ चाहते हैं। लेकिन आपनी विलासिता की प्रवृत्ति के कारण इनके दाम्पत्य जीवन में परेशानियां आ सकती हैं। इन्हें संतान सुख साधारण मात्रा में ही मिलता है।

मूलांक 9 वाले जातक जोखिम उठाने वाले व्यापारों में भी देखे गए हैं। यह जातक इंजीनिअर, डाक्टर, आग या बिजली से सम्बंधित कामों से जुड कर काम करते हैं। इसके अलावा ये राजनीति, होटल सम्बंधी काम,टूरिज्म, घुडसवारी या सर्कस से जुडे कामों मे सफल देखे जाते हैं।

मूलांक 9 के जातको को  बुखार, सिर दर्द, चोट, रक्तविकार, उदर रोग कष्टदायी हो सकते हैं। इन जातकों को आग के द्वारा दुर्घटना ग्रस्त होने का भय भी बना रहता है।

मूलांक 9 मंगल के प्रभाव के अधीन होने के कारण कई बार  मंगल बद से प्रभावित हो जाते है। झूठ बोलना झूठी गवाही देना मंदे समय की निशानी होगी। घर के दक्षिण की तरफ आग जलाना और लकड़ियों का इकठा करके रखने से बुरे समय की आमद होगी।

सभी प्रकार की परेशानियों से बचने के  लिए जातक को मूंगा। सोने और तांबे की अँगूठी में फिट करवा कर। मंगलवार के दिन मंगल की प्रथम होरा के समय। पूजा घर में जाकर अँगूठी को दूध में व् गंगाजल में स्नान करवा कर। मंगलदेव के मंत्र “ ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय  नमः। “ का उच्चारण 108 बार करके अँगूठी को सिद्ध करके अनामिका उँगली में पहनना चाहिए।

जन्माक 9  के लिए अनुकूल

समयावधि , 21  मार्च से 20 अप्रैल तक का समय  

अधिष्ठाता ग्रह ,  मंगल

शुभ वार ,  मंगलवार एवं गुरूवार  

तारीख  , 9 , 18 और  27

मित्रता ,  मूलांक 3 , 6 ,  और 9 वाले व्यक्ति

रंग ,   लाल

दिशा ,  दक्षिण और आग्नेय

रत्न  , मूंगा

धातु  , ताम्बा और स्वर्ण  

जन्माक 9  के लिए प्रतिकूल

समयावधि  23 दिसंबर से  20 जनवरी तक का समय

अधिष्ठाता ग्रह,  शनि

शुभ वार , बुधवार और शनिवार

तारीख  , 8, 17, और 26     

मित्रता , मूलांक  5 और 8 वाले व्यक्ति

रंग , लाल और गहरा भूरा     

दिशा ,  वायव्य और ईशान   

रत्न  , पन्ना     


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