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जिन जातको का जन्म महीने की , 6, 15, 24, तारीख को हो उनका मूलाकं  6 होता है। सूक्ष्म गणना करने के लिए मूलांक निकालना चाहिए। जिसके लिए दिन, मास , वर्ष की गणना करनी चाहिए। जिन जातको का मूलाकं 6 होता है। वह जातक शुक्र ग्रह से प्रभावित रहता है।

मूलाकं 6 के जातक जन्म से ही सौन्दर्योपासक, चुम्बकीय एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व, मृदु कर्तव्य परायण तथा भाग्यशाली होते हैं। मूलाकं 6 वाले जातक दूसरों के प्रति बहुत उदार एवं व्यवहार कुशल होते है। यह जातक सभी कार्यों को सही तरीके से करना पसंद करते है। मूलाकं 6 के जातककलाकार,अभिनेतानर्तक,माडलिंग,वास्तुकारअभियंता,चिकित्सक,लेखक,राजनीतिज्ञ, प्रशासक, व्यवसायी एवं उधोगपति आदि हो सकते हैं | मूलाकं 6 के व्यक्ति बहुत ही शान्त प्रवृति के होते है।

मूलाकं 6  वाली स्त्रियाँ गौर वर्ण सुराही दार गर्दन तीखे नैन नक्श सुन्दर आँखो  वाली और आकर्षक होती है। मूलाकं 6 वाली स्त्रियाँ विवेकशील होती है। इन स्त्रिँयो मे निर्णय लेने की क्षमता पूर्णरूप से होती है और वह घर के काम में पूर्ण रूप से निपुण होती है। मूलाकं 6 वाली स्त्रिँयो के पति उसकी सुन्दरता और कार्य क्षमता से प्रभावित रहते है। मूलाकं 6  की स्त्रियाँ अपने जीवन के आखिरी पड़ाव में सुखी होती है। मूलांक 6 वाली स्त्रियां अति सुंदर होती हैं और इन्हें बुढ़ापा देर से आता है। मूलाकं 6 के जातकों को नाक एवं गले से सम्बंधित रोगों की संभावना बनी रहती है। मूलाकं 6 के जातकों को गुप्तांगों के रोगों के होने की अधिक संभावना रहती है।


मूलांक 6 का स्वामी ग्रह शुक्र होता है। और शुक्र  प्रेम एवं शान्ति का प्रतीक है और शुक्र भोग विलास एव ऐश्वर्या का प्रतीक है। मूलांक 6 वाले व्यक्ति सुगठित शरीर वाले और प्रभावशाली होते हैं।  मूलाकं 6 वाले जातक कलाप्रेमी होते है। जातक सौंदर्य के प्रति समय समय पर आकर्षक होते रहते है। इन जातकों मे सुरुचिपूर्ण एवं सलीकेदार कपड़े पहनने और बन-ठनकर रहने की गहरी प्रवृत्ति  होती है।इन जातको को सुगन्धि से विशेष लगाव रहता है। यह जातक भौतिक सुखों में पूर्णतः आस्था रखते हुए जीवन का सही आनंद उठाते हैं।

मूलाकं 6 वाले जातकों को देख कर उन की वास्तविक उम्र का अंदाजा नहीं होता है । यह जातक विश्वसनीय तथा शांति प्रिय होते हैं। मूलांक 6 वाले जातक दीर्घायु, स्वस्थ, बलवान, हंसमुख होते हैं। इन जातको मे दूसरों को सम्मोहित करने का गुण भरपुर होता है। यह जातक सांसारिक होते हुए भी हृदय से उदार एवं नीतिज्ञ होते हैं। मूलाकं 6 वाले जातक शिक्षा उद्यम एवं प्रेरणा से उत्तम विद्या प्राप्त करते हैं। इन जातको मे विचारों को कार्य रूप देने की क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है। भटकने की वजह से यह जातक  उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते है। इन जातकों की संगीत एवं चित्रकला में अति रुचि रहती है।

इन के व्यर्थ के व्यय के कारण  इनकी आर्थिक स्थिति में एक रूपता नहीं रहती है। आकारण  ही इन जातको का व्यय अधिक होता रहता है। यह जातक अपने प्रयास से ही धनी बनते है और इन के जीवन साथी का इस कार्य मे सहयोग रहता है। मूलाकं 6 वाले जातको को धन सम्पत्ति के मामलो को लेकर  कोट कचहरी मे जाना पड सकता है।कई बार मूलाकं 6 वाले जातको को आपनी उदारता के कारण सामान्यतय बहन भाइयों और परिजनों के साथ कुछ मतभेद का सामना करना पड़ता है। मूलाकं 6 वाले मित्रता करने में माहिर होते है।मूलाकं 6वाले जातक अपना कर्म निष्ठा से करते हैं परंतु बदले में उपकार नहीं प्राप्त करते हैं।  मूलांक 2,3,6 वालो से इनकी अच्छी मित्रता रहती है।

विवाह और प्रेम संबंधों मूलाकं 6 वाले सफल रहते है। यह जातक विपरीत लिंगी व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करने में ये दक्ष होते हैं। यह जातक दूसरो से शीघ्र ही घुल-मिल जाने वाले होते हैं। यह जातक भोग विलास और  रति क्रीड़ा में चतुर होते हैं। लेकिन इन के जीवन में ऐसे पल भी आते हैं जब इन्हें विरह की अग्न में जलना पड़ता है। इनका गृहस्थ जीवन सुखी रहता है। लेकिन जीवन साथी के साथ संदेहास्पद रिश्ता होने पर कभी-कभी वैवाहिक जीवन कष्टप्रद भी रहता है।  मूलांक 6 वाले कला, आभूषण या वस्त्रों के व्यापार व्यवसाय या इनसे जुडे हो सकते है। फ़िल्म, नाटक, रंगमंच, सोने चांदी हीरे आदि से संबंधित काम, खान-पान या होटल आदि से संबंधित काम इनके लिए शुभ रहते हैं।

मूलांक 6 वालों की शारीरिक और मानसिक शक्ति अच्छी होती है। लेकिन आत्मिक शक्ति की कमी होती है। इन को  गला, नाक फ़ेफ़ड़े, छाती व गुप्त रोगों के होने की संभावना रहती है। इनके अलावा यह जातक शुगर, शुक्राणु या हृदय से सम्बंधित रोग भी इन्हें परेशान हो सकते हैं।मूलांक 6 वाले जातक कला प्रिया होने के साथ-साथ अपने आप को दूसरों के आगे वैभवशाली दिखाने में सफल रहते है।  सुंदर कपड़े और संगीत इनको सबसे प्रिय रहते है। भयंकर रोग तपेदिक से बचने के लिए मूलांक 6 वालों को बच्चे बनाने वाला काम दिन में नहीं करना चाहिए। बांसुरी का घर पर रखना मंदे समय की निशानी होगी।

सभी प्रकार की परेशानियों से बचने लिए। जातक को हीरे या जरकन को सोने या चाँदी की अँगूठी में जंडवा कर। शुक्रवार के दिन प्रातः शुक्र की होरा के समय। पूजा घर में जाकर अँगूठी को दूध में व् गंगाजल में स्नान करवा कर शुक्रदेव  के मंत्र ।“ ॐ शं शुक्राय नमः “। का उच्चारण 108 बार करके अँगूठी को सिद्ध करके तर्जनी उँगली में पहनना चाहिए। शुक्र की मंदी दशा में शुक्र के मंत्र का नित्य जाप करना चाहिए।

मूलाकं  6 के लिए अनुकूल

समयावधि  21 अप्रैल   से 21 मई तक का समय

अधिष्ठाता ग्रह बुध

शुभ वार  शुक्रवार और शनिवार   

तारीख 6 ,15 और 24  

मित्रता मूलांक  3 ,6 ,9 वाले व्यक्ति

रंग  सफेद पर दही जैसा

दिशा  दक्षिण, पूर्व-दक्षिण (आग्नेय) तथा पश्चिम

रत्न   हीरा

धातु  स्वर्ण प्लैटिनम

जन्माक 6  के लिए प्रतिकूल

समयावधि  24 जुलाई से 23 अगस्त  तक का समय

अधिष्ठाता ग्रह सूर्या

शुभ वार  बुधवार

तारीख   1, 10, 19  और 28

मित्रता  मूलांक 1 और 5 वाले व्यक्ति

रंग भूरा और  मटमैला

दिशा  उत्तर

रत्न   पुखराज और मूंगा  

धातु  ताम्बा और कांस्य


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