मूलाकं 5

Horoscope, Janam Kundali, Business Problems, Health problems

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मूलाकं  5 : जिन व्यक्तियों का जन्म महीने की , 5  , 14 , 23 , तारीख को हो उनका जन्मांक 5 होता है। सूक्ष्म गणना करने के लिए मूलांक निकालना चाहिए। जिसके लिए दिन, मास , वर्ष की गणना करनी चाहिए। जिन व्यक्तियों का मूलाकं  5 होता है। वह जातक बुध ग्रह से प्रभावित रहता है। मूलाकं 5 के जातक जन्म से ही बातूनी हठधर्मी परन्तु भाग्यशाली होते है।

मूलाकं 5 वाले जातक दूसरों के प्रति बहुत उदार एवं व्यवहार कुशल होते है। यह सभी कार्यों को क्रम वार से और सही तरीके से करना पसंद करते है। मूलाकं 5 के जातक  चार्टेडअकाउंटेंट , वकील, सचिव, मैनेजर, प्रशासक आदि हो सकते है। मूलाकं 5 के व्यक्ति बहुत ही शान्त प्रकृति के होते है। मूलाकं 5 वाली स्त्रियाँ व्यवहारिक और अच्छे चरित्र की होती हैं वह घर के काम में पूर्ण दक्ष होती है।

मूलाकं 5 वाली स्त्रियाँ  अपने गृह कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य जैसे सिलाई, संगीत, पाक, लेखन ब्यूटीपार्लर आदि के कार्य  में रूचि रखती है। वह अपने परिवार की सहायता भी करती है। मूलाकं 5 की स्त्रियाँ अपने पति के कार्यों में अपना पूर्ण सहयोग देती है। मूलाकं 5 के जातकों को त्वचा सम्बन्धी रोग, गले से सम्बंधित रोग, पक्षाघात उच्च रक्तचाप आदि रोगों की संभावना रहती है। कृपया इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें और व्यक्तिगत प्रश्न कुंडली और जन्म कुंडली के लिए हमारी वेबसाइट www. धर्मएस्ट्रो डॉट कॉम पर जाये और इस चैनल को लाइक जरुर करें।

मूलांक 5 का स्वामी ग्रह बुध है जो दिमागी ताकत एवं लियाकत का प्रतीक है। मूलांक 5 वाले व्यक्तियों का बुद्धिमान होना स्वाभाविक है। साथ ही इस मूलांक के व्यक्ति साहसी तथा कर्मशील होते है। परन्तु भावुक होने के कारण जातक अधीर भी होते है। उन मे सहन शक्ती की कमी होती है। जातक चुनौतियों को चेलेंज के रूप में स्वीकार करते है और आपनी समझदारी से चुनौतियों से  लड़कर विजय भी प्राप्त करते है। ये जातक नयी नयी योजनाओ को क्रियान्वित कर उन से लाभ भी कमाते है। यह व्यापार में रिस्क उठाने को सदैव तत्पर रहते है। यह जातक व्यापार में स्वभाविक तोर पर अपेक्षाकृत अधिक सफल रहते हैं।

मूलांक 5 वाले किसी विषय को लेकर अधिक देर तक चिंता करते रहते है और  समस्यो को ले कर देर तक प्रसन्न अथवा दुखी होते है। ये आपनी समझ से परिस्थिति के अनुरूप स्वयं को ढाल लेते है। इन जातको मे जनम जात दूसरो को सम्मोहित करने का गुण भी होता है। ये जातक दूसरो से शीघ्र ही मित्रता करने मे चतुर होते है और उनसे अपना काम भी निकलवाने मे सक्षम होते है।

मूलाकं 5 वाले जातक आपने अनुभव से किसी भी व्यक्ति को देखकर उसका मंतव्य भांप लेते है। मूलाकं 5 वाले जातक उच्च  विद्या प्राप्त करने मे सक्षम होते है। ये जातक कई भाषाओं के ज्ञाता भी होते है।अगर किसी कारण वश इनकी विद्या प्राप्ती मे  कमी रह जाती है तो भी ये फिर भी चतुर और बुद्धिमान ही कहलाते है। यह जातक धार्मिक ग्रंथों और गुप्त विद्याओं का भी अध्ययन करते हैं।

आपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिये  मूलाकं 5 वाले जातक नयी नयी खोजो से लाभ कमाते है। अतः इनको धन की कोई कमी नहीं होती यह जातक अपनी बुद्धि के बल पर आसानी से धनार्जन कर लेते है। यानी कि कुल इनकी आर्थिक स्थिति जीवन प्रयात अच्छी होती है।मूलाकं 5 वाले आपने परिवारिक सम्बंधों मे सफल रहते है।

यह जातक महतवकांशी होने के साथ साथ दूसरो की भावनाऔ का मान करते है। मूलांक 5 वाले आपने बहन भाइयों और परिजनों के साथ सामान्य रिश्ता रखते हैं। ये मित्र जल्दी बना लेते हैं और उन्हें भूल भी जल्दी भी जाते हैं। मित्रों से इन्हें लाभ भी मिलता है। मूलांक 1 3 4 7और 8 वाले लोगों के साथ इनकी मित्रता शीघ्रता से हो जाती है।

मूलाकं 5 वाले लम्बे चलने वाले समबन्धो मे कम सफल होते है। परन्तु  मिलनसार होने के कारण इनके मित्र अधिक होते है। मूलांक 5 वालों के प्रेम सम्बन्ध स्थायी नहीं रहते। व्यापारिक सोच के कारण मूलाकं 5 वाले लोगों के  सम्बन्ध धन के स्वार्थ में बनते हैं। इन्हें जल्द ही एक प्रेम सम्बंध को छोड़कर दूसरे के तरफ़ खिचते हुए देखा गया है। कुछ मामलों में देखा गया है कि इनके दो विवाह की भी संभावनाए रहती है। आमतौर पर गृहस्थी सुखी रहती है। लेकिन संतान को लेकर कुछ चिंताएं रह सकती हैं।

मूलांक 5 वाले व्यापार और उद्योग धंधों में सफलता पाते हैं। ये अच्छे मैनेजर, वकील, जज, लेखाधिकारी, पब्लिक रिलेशन अधिकारी शिक्षाविद, डाक्टर, पत्रकार या ज्योतिषी हो सकते हैं। इन्हें अर्थशास्त्र और संगीत मे भी अच्छी रूची होती है। मूलांक 5 वाले मानसिक तोर पर हमेशा व्यस्त रहते है। उन को आपनी  दिमागी शक्ति अधिक प्रयोग करने के कारण अधिकांश रोग लगते है। अनिद्रा, अंगों में पीड़ा, तनाव, बदहजमी, सिर दर्द, नाक व आंखों की तकलीफ़ हो सकती है।

घर की सीढ़ियों को  तोड़कर दोबारा बनवाने से  और उत्तर दिशा में भारी समान रखने से या घर पर खंडित मूर्तियां रखने से भी मूलाकं 5 वालो का बुध ग्रह नीच होने लगता है। जिस के कारण यह जातक जीवन मे दमभी, अहंकारी और झूठ का सहरा लेता है।  जिस के कारण परिवार और मित्रो मे उन का सम्मान कम हो जाता है और जातक का आपना आत्म विश्वाश कम हो जाताहै।

सभी प्रकार की परेशानियों से बचने के लिए जातक  पन्ने को सोने या ताबे की अँगूठी में फिट करवा कर। बुधवार के दिन प्रातः बुध  की होरा के समय पूजा घर में जाकर अँगूठी को दूध में व् गंगाजल में स्नान करवा कर। बुधदेव के मंत्र। “ ॐ बं बुधाय  नमः “। का उच्चारण 108 बार करके अँगूठी को सिद्ध करके कनिष्ठा उँगली में पहनना चाहिए। और बुध की खराब दशा में बुध के मंत्र का नित्य जाप करना चाहिए।  

जन्माक  5 के लिए अनुकूल

समयावधि 22 मई  से 21 जून तक का समय

अधिष्ठाता ग्रह  बुध

शुभ वार  बुधवार एवं शुक्रवार  

तारीख   5 , 14 और 23  

मित्रता  मूलांक 1, 3 ,5 ,8  वाले व्यक्ति

रंग   हरा

दिशा  उत्तर व् पूर्व

रत्न    पन्ना

धातु   कांस्य

जन्माक 5  के लिए प्रतिकूल  

समयावधि   २2 जून से २3  जुलाई तक का समय

अधिष्ठाता ग्रह

शुभ वार   शनिवार

तारीख   7 , 16 और 25   

मित्रता  मूलांक 2 और 6 वाले व्यक्ति

रंग   गहरा लाल और काला  

दिशा  पश्चिम

रत्न    नीलम और गोमेद

धातु   लोहा

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