नारद भविष्या कथा

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मेष राशि

नमस्कार दोस्तों धर्म एस्ट्रो  चैनल में आपका स्वागत है। राशि के फलादेश का पूर्ण फायदा उठाने के लिए कृपया इसे पूरा सुने।

यह कथाअत्यंत दुर्लभ है। यह कथा धर्मार्थ सेवा से मेष राशि वालों के लिए है। इस फलादेश को सुनकर पुण्य के भागी बने। और देव कृपा पाएं। इस कथा को पढ़ने और सुनने से मेष राशि वालों के सारे कार्य पूर्ण हो जाएंगे। और वह  मां काल भैरवी और नारद जी का शुभ आशीर्वाद प्राप्त करेंगे ।

काल भैरवी नारद की तरफ मुख करके  बोली हे नारद ! यह अत्यंत सूक्ष्म भेद मै तुमको बतला रही हूं। यह भेद बहुत सारे ऋषि-मुनियों को भी प्राप्त नही है। हे नारद सुन ! मेष राशि वाले तेजस्वी होते है। इनका चेहरा छोटा और गोल होता है। आंखें छोटी पर लंबी और चमकदार होती है। स्वभाव से नम्र तथा जुबान से मीठे होते है। पर अनुचित कार्य करके बड़ा पछताते है। अपने आप में मस्त पर अपनी धुन के पक्के है ।जिस काम के पीछे पड़ जाते है। उसे पूरा करके ही अनंत सफलता के भागी बनते है ।  

वानी पर सरस्वती का वास होगा।  मुंह से कहा हुआ शब्द पूरा होगा। व्यक्तित्व भव्य होता है। पर कार्यशैली नूतन है। संगीत काव्य में रूचि है । मेष राशि वालों की बड़ी योजनाएं आर्थिक मामलों को डगमगा देती है। कुछ ना कुछ सोचते रहते है। कुछ नया कर दिखाना चाहते है। बुद्धि के कार्यों में लाभ है।

हे नारद  मेष राशि वालो का जिस्म ऊपर से भारी और नीचे से हल्का होगा।  मेष राशि वाले व्यक्ति बड़े चतुर तुरंत निर्णय करने वाले स्वतंत्र विचारों वाले तथा संकट में भी अनेक बाधाओं को पार करने वाले है। हठ के कारण  कई बार भीष्म बाधाओं में पड़ जाते है। पर फिर भी कार्य में सफलता प्राप्त करते है। अच्छा नेतृत्व करते है। पर अपना कार्य अधीन होकर ही करते है।

मां काल भैरवी  नारद की तरफ देखकर  बोली हे नारद सुन मेष राशि वाले धार्मिक कार्य में भी रुचि लेते है। समाज में उन्नति करते है। तथा जगत में मान सम्मान प्राप्त करते है।  धन प्राप्त होने पर अच्छे कार्य में प्रयोग करते रहते है। वैज्ञानिक कार्यों में रुचि रखने वाले तथा हर कार्य को योजनाबद्ध तरीके से करते है। हे नारद  सुन मेष राशि वालों में सहनशक्ति कम होती है । थोड़ी सी बात पर भी आग बबूला हो जाते है। पर शीघ्र शांत भी हो जाते है।


उन के जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं।  तब नारदजी बोले हे मां हे कालभैरवी इनको बार-बार वायु कुपित रोग क्यों होता है।  तब महाकाल भैरवी बोली सुन नारद इन का पिछले जन्म मे ज्यादा ब्याज लेना लोगों के दुखों का कारण बना ।  इस कारण इन्हे शूल की भांति पेट मे बार बार दर्द होता है। और जगह जगह भटकते है।


मेष राशि वालों का जीवनसाथी सुंदर सुशील और शिक्षित होते है। और विलासी स्वभाव और सुगंध प्रिय होते है। तब  नारद जी बोले हे मां इनकी सेहत के लिए क्या उत्तम उपाय है जिससे मेष राशि वाले निरोगता को प्राप्त हो ।तब मा भैरवी जी बोली  हे नारद सुन हनुमान जी का ध्यान और हनुमान जी की स्तुति करने से इनका रोग शांत होगा। और किसी धार्मिक स्थान पर पीले रंग का मीठा दान करने से इस का रोग निश्चित तौर पर खत्म हो जाएगा।कृपया इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें।


मां काल भैरवी बोली हे नारद  सुन तुमको एक गुप्त भेद बतलाती हूं। मेष राशि वाले आर्थिक दृष्टि से  धन संचय में प्रवीण है। धन टिकने के आसार कम है। हठी स्वभाव के कारण मेष राशि वाले असलियत पहचानने में इंकार कर देते है। इसलिए इन की कठिनाइयां बढ़ती है। हर आठवां  साल इन के लिये शुभ होगा। और धन संचय होगा।


मित्रों की कमी नहीं है। पर मित्र कम ही फायदा देंगे। मेष राशि वाले संभाव से ही मजाक कम पसंद करते है। इन के शत्रु तो नाम से ही डरते हैं । और सामने आने का साहस नहीं करते। पर बाद मे शत्रु गुप्त तरीके से वार करते है। पर अधिक हानि नहीं होती।


तब नारद जी हाथ जोड़  शीश झुकाए बोले हे माँ अब इसके जीवन यपन पर भी बताएं।तब  काल भैरवी मुस्कुराई और बोली हे नारद ! मेष राशि वाले शांत तथा सभ्य है। बुद्धि बड़ी तीक्ष्ण है । 22 साल से 28 साल तक का समय संघर्षमय बीतेगा।कठोर परिश्रम करना पड़ेगा। इन का भाग्य पूर्णता पक्ष में नहीं रहता । कार्य में कुछ न कुछ बाधाएं उत्पन्न होती रहती है। जिसके लिए भैरो जी की साधना और पूजा करनी होगी ।इससे  उत्पन्न बाधाएं शांत होंगी ।


मेष राशि वाले परिवार और समाज में सबके प्रिय रहते है। दुख में भी मानसिक संतुलन बनाए रखते है। समय को खूब पहचानते है । और उसी के अनुकूल कार्य करते है । हे नारद ! सुन मेष राशि वालों का यह भेद मैं तेरे को बताती हूं ! एकदम से कार्य करना इनकी विशेषता है । हठी होते हुए भी ईमानदार है । दूसरों पर जुल्म होते नहीं देख सकते। इसलिए इन्हे बार-बार हानि होती है। सम्मान की रक्षा  करना जानते है। शरीर के बल पर उन्नति करना चाहते है।


मेष राशि वालों को आय के कई साधन बन जाते है। पर आपने व्यय पर भी नियंत्रण रखना जानते है। भाग्य पर पूरण विश्वास रखते है। उन्हें आपनी माता से हमेशा लाभ रहता है। तब नारद जी ने हाथ जोड़कर मां से स्तुति की हे मां आपकी कृपा से मुझे मेष राशि वालों के घर के बारे में भी बताएं। तब मां अंतर्ध्यान हो कुछ समय बाद आंखें खोल कर नारद की तरफ देख कर बोली नारद सुन मेष राशि वालों का घर बहुत सुंदर होगा।

मीठा हलवा खाना और खिलाना इनको प्रिय होगा। इनका शयन कक्ष बड़ा होगा और सफेद रंग सबसे प्रिय रहेगा। घर में शांति और नम्र स्वभाव रहेगा। तब नारदजी श्रद्धा से मां की तरफ देख कर बोले हे मा इसके परिवार के बारे में भी कुछ बताएं। तब मां मुस्कुराकर बोली हे चतुर नारद! सुन मेष राशि वालों का कटुब ज्यादा बड़ा नहीं होता।

माता पिता और बड़े बुजुर्ग कम ही साथ रहते हैं। भाई बहन भी कम ही होंगे। मित्रों की संख्या भी ज्यादा नहीं है। पर सबके साथ इसका मिलन बहुत अच्छा रहेगा। इन के पुत्र इनका नाम उज्जवल करने वाले होंगे। धार्मिक प्रवृत्ति होने के कारण इसके सारे काम ब्रह्मा जी की कृपा से से  बनते जाएंगे।कृपया इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें।

हे नारद सुन  मेष राशि वाले नवीन विचारों के प्रशंसक है। लोगों से काम निकालने में चतुर है। उन्नति धीरे धीरे करते है। परिवारिक जीवन सामान्य है। प्रसन्नचित्त रहते है। समय के अनुकूल बदल जाते है। वैसे सबको अपनापन जताते रहते है।

मन साफ है।जैसे लोगों के विषय में सोचते है और करते है चाहते है लोग भी उसी तरह उसका सम्मान करें। कभी कभी लंबी लंबी डिग्गे भी मारते है। अपने निर्णय पर अटल रहते है। परिवार कल्याण की प्राप्ति के लिए इनहे दुर्गा पूजन वह मां भगवती की उपासना करनी पड़ेगी । जो इस कथा को  पड़ेगा और सुनेगा। उसे अतुल्य धन प्राप्ति और निरोगता रहेगी। इतना कहकर मां काल भैरवी अंतर्ध्यान हो गई।

दोस्तों आपका धर्म एस्ट्रो जल्द ही नए और कुछ वीडियो ले कर आपके पास हाजिर होगा।धन्यवाद।


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