करोना Ep3

Horoscope, Janam Kundali, Business Problems, Health problems

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नमस्कार दोस्तों धर्म एस्ट्रो इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोलॉजी टीम इस चैनल में आपका स्वागत करती है। ज्योतिष के अनुसार गुरु जी ने बताया कैसे हम बडी आसानी से इस संकमण के दुष्प्रभाव से बच सकते है।

गुरु जी ने बताया 26 नवंबर 2019 सुबह 8 बजे सूर्य ग्रहण था। धनु राशि में ग्रह केतु के साथ पांच ग्रहों की पंचायत थी। यह सभी ग्रह सूर्य ग्रहण के प्रभाव के अधीन थे। सूर्य ग्रहण में सूर्य और शनि का साथ ईथलाषा योग बना था। खगोलीय ग्रह आपना  विशेष प्रभाव के अधीन दुनिया भर मे इस समय करोणा नामक संमकण से अपना प्रभाव समस्त पृथ्वी पर डाल रहा है। इस से प्रभावी विष युक्त किरणे पृथ्वी पर अपना नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।

 गुरु जी ने बताया 26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण के समय धनु लग्न लगभग 22 डिग्री पर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में होना सूर्य को कुपित करना था। धनु राशि में तब सूर्य, बृहस्पति, केतु, चंद्रमा, बुध और शनि विराजमान थे यह सभी ग्रह अपना नकारात्मक प्रभाव सूर्य की किरणों के माध्यम से पृथ्वी पर भेज रहे थे। भारतीय ज्योतिष के मुताबिक करोणा संकमण की उत्पत्ति इसी सूर्य ग्रहण की देन है। 
 
पृथ्वी पर  पानी का अनुपात  75 परसेंट है। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव अत्याधिक जल पर होगा। और जल के अंदर पैदा होने वाली चीजें मनुष्य जाति को सबसे अधिक प्रभावित करेंगी। ग्रहण से दूषित हुआ जल  जल मे रहने वाले तमाम जीवो पर 21 जून 2020 कंकण सूर्यग्रहण तक अपना नकारात्मक प्रभाव जारी रखेगा।

गुरुजी के अनुसार सीफूड और गोश्त  का अन्न के साथ मिलाकर खाना यानि ज्योतिष के अनुसार सूर्य और शनि को मिलाकर खाने से इस संकमण का मनुष्य जाति पर इसका भयंकर प्रभाव देखने को मिलेगा।गुरुजी के अनुसार इस वायरस इस संकमण का अत्यधिक प्रभाव मत्स्य को खाने वाले लोगों पर अत्यधिक रहेगा।  

पश्चिम दिशा और पश्चिम देशो में मत्स्य का प्रयोग आगामी कंकण सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 रविवार तक निषेध रहेगा। यह भयानक मृत्यु जनक संकमण सबसे ज्यादा प्रभाव मछली मास को अन्न से मिलाकर खाने वालों पर रहेगा। 

पूर्व और पूर्वी देशों में भी इसका प्रभाव अधिक रहेगा। पूर्व में भी अन्न  और गोश्त मिलाकर खाने वालों को यह संकमण अत्यधिक प्रभावित कर सकता है। बेहतर होगा आगामी कुछ माह तक मत्स्य का प्रयोग सभी पूर्वी देशों में ना करें। पूर्वी देशों में शनि से मुतालका खाने की वस्तुएं जैसे किसी भी तरह बींस यानि काले चने, राजमा और साबुत दालें खाने से इस संकमण का प्रभाव उन लोगों पर सबसे अधिक रहेगा। 

सूर्य की पूजा इस ग्रहण से हमें बचाव का रास्ता दिखाएगी। तांबे के बर्तन का प्रयोग तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी और घर पर  देसी घी का दिया जलाना और मनुष्य जाति को शाकाहार होना आगामी 6 महीनों में नेक स्वास्थ्य प्रदान करके हमें सेहत याफ्ता रखेगा। समस्त मानव जाति को  यह शाकाहार होने वाला गुरुजी का यह संदेश आगामी कुछ माह में अत्यधिक प्रभावित करने वाला होगा।दोस्तों आपकी धर्म एस्ट्रो टीम जल्द ही गुरु जी की आज्ञा से नए और कुछ वीडियो ले कर आपके पास हाजिर होगी।धन्यवाद।

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